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टीपू की टेढ़ी नाक से लेकर जेब में पर्स न रखने तक, सपा अध्यक्ष के कुछ रोचक किस्से

देश के सबसे कम उम्र के सीएम यूपी के अखिलेश यादव रहे हैं जिन्हें जब भी मौका मिलता है तो लोगों के सामने हल्के-फुल्के अंदाज में ही नजर आने की कोशिश करते हैं। अक्सर अखिलेश यादव पर जब भी कार्टून बनते हैं या छपते हैं तो उनमें उनकी टेढ़ी नाक पर काफी फोकस किया जाता है। जिसके बारे में उन्होंने उस समय राज खोला जब वो अपने ही कार्टून चित्रों से सजी किताब 'टीपू का अफसाना' रिलीज करने को आये थे।


किताब के विमोचन के बाद यूपी के टीपू मीडिया से मुखातिब हुए और बोले कि अक्सर मेरी टेढ़ी नाक के बारे में बातें होती हैं, जो कि मैसूर में फूटबॉल खेलते वक्त टेढ़ी हो गई थी। मेरा मनपसंद खेल फुटबॉल ही है इसलिए जब भी मुझे मौका मिलता है तो मैं फुटबॉल खेलता हूं।

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मुझे जब नाक पर चोट लगी तो मेरे पिताजी यानी की नेता जी ( मुलायम सिंह) मुझे जाने-माने डॉक्टर कक्कड़ के पास ले गये, जो कि राष्ट्रपति साहब का इलाज करते थे।

उन्होंने मेरी नाक देखी और मुझसे पूछा कि क्या मेरी शादी हो गई है तो मैंने बोला हां..तो उन्होंने कहा कि फिर आप जाइये, अब आपकी नाक सही करने की जरूरत नहीं। इतना कहकर अखिलेश यादव खुद ही हंसने लगे और बोले कि मेरी टेढ़ी नाक मेरे लिए लकी ही रही देखिये मैं सीएम बन गया।

समाजवादी पार्टी में जारी घमासान के बीच साइकल चुनाव चिह्न मुलायम या अखिलेश गुट में किसका होगा, इस बात से परदा आज हट सकता है। वहीं मुलायम फैमि‍ली में चल रहे दंगल में इस समय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खूब सुर्खियों में हैं। इसी बीच अखिलेश की जिंदगी पर बेस्ड एक किताब लिखी गई है जिसका नाम है बदलाव की लहर। अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने इस किताब में उनके कई अनछुए पहलुओं को उजागर किया है। डिंपल ने सीएम के रूटीन और फिटनेस से जुड़ी बातें किताब की लेखिका के साथ शेयर की हैं।

अखिलेश नहीं रखते पर्स

डिंपल के मुताबिक अखिलेश यादव अपनी जेब में कभी पर्स नहीं रखते, क्योंकि जेब में उनको पर्स रखने की आदत नहीं है। उनके करीबियों का मानना है कि यह आदत उनको बचपन से ही है। स्कूल टाइम से ही अखिलेश को कम पैसों में गुजारा करने की आदत पड़ी थी। उसके बाद वे अपनी जरूरतों को लिए पिता मुलायम पर निर्भर रहे।

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अखिलेश की अनसुनी बातें

मैसूर में कालीदास रोड स्थित एक लोकल रेस्टोरेंट अखिलेश का फेवरेट फूड प्वाइंट था। इसके अलावा अखिलेश हिंदी और अंग्रेजी के अलावा कन्नड़ में भी बात कर लेते हैं। खेल में हारना अखिलेश को कतई पसंद नहीं है वह जीतने के लिए चीटिंग भी करते हैं। अखिलेश अक्सर रात को थकने के बाद स्टडी रूम में बैठे-बैठे सो जाते हैं। अखिलेश रोज सुबह 6 बजे जग जाते हैं और एक घंटे जिम में बिताते हैं। देर रात तक आईपाॅड पर गाना सुनना अखिलेश की आदत में है और उन्होंने लगभग 3000 गानों का कलेक्शन बना रखा है। अखिलेश आॅफिस से घर आने के बाद हमेशा सबसे पहले बच्चों का हाल जानते हैं।

बचपन में उठ गया था मां का साया

अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई गांव में समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव की पहली पत्नी मालती देवी के यहां हुआ। इनकी मां का देहांत बचपन में ही हो गया था। अखिलेश यादव का उपनाम टीपू भी है। 5 फीट 7 इंच कद के 45 वर्षीय अखिलेश यादव की ने राजस्थान मिलिट्री स्कूल धौलपुर से शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने अभियान्त्रिकी में स्नातक की उपाधि मैसूर के एस.जे. कालेज ऑफ इंजीनियरिंग से ली, बाद में विदेश चले गये और सिडनी विश्वविद्यालय से पर्यावरण अभियान्त्रिकी में स्नातकोत्तर किया।


25 की उम्र में हुआ था प्यार

अखिलेश यादव मात्र 25 साल की उम्र में प्यार में खो गए थे। उनको प्यार हुआ उत्तराखंड की पहाड़ी बाला डिंपल से। अपने से चार साल छोटी लड़की की मुहब्बत में अखिलेश इस कदर पागल हुए कि उन्होंने शादी करके ही दम लिया और अपने प्यार को एक खूबसूरत मकाम दे दिया। फौजी पिता की सुपत्री डिंपल रिटायर्ड आर्मी कर्नल एस.सी. रावत की बेटी हैं। डिंपल और अखिलेश को शादी से तीन बच्चे अदिति, टीना और अर्जुन हैं। जिनमें से टीना और अर्जुन जुड़वा है। घर में छोटों के लिए वे अखिलेश दादा हैं, लेकिन डिंपल के लिए एडी। वो अखिलेश के लिए यही संबोधन इस्तेमाल करती हैं। 

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ये है राजनीतिक सफर

अखिलेश ने मई 2009 के लोकसभा उप-चुनाव में फिरोजाबाद सीट से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी एस.पी.एस. बघेल को 67,301 मतों से हराकर सफलता प्राप्त की। इसके अतिरिक्त वे कन्नौज से भी जीते। बाद में उन्होंने फिरोजाबाद सीट से त्यागपत्र दे दिया और कन्नौज सीट अपने पास रखी।

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