करोड़ों रुपए के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले का आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चौकसी को डोमिनिका सरकार वापस एंटीगुआ-बारबुडा सरकार को सौंपेंगी। डोमिनिका सरकार ने इसकी जानकारी दी है। इस फैसले पर एंटीगुआ-बारबुडा के प्रधानमंत्री गेस्टन ब्राउन ने कहा कि हमें इस बात की जानकारी मिली है। यह दुर्भाग्यपूर्ण फैसला है।
डोमिनिका की सरकार ने बुधवार को बताया कि नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्ट्री ने एंटीगुआ सरकार से मेहुल चौकसी की नागरिकता और कुछ अन्य तथ्यों को लेकर जानकारी मांगी हैं। चौकसी अवैध तरीके से डोमिनिका में आया था। अभी वह हमारी कस्टडी में है, उससे पूछताछ की जा रही है। सारी जानकारी मिलते ही उसे एंटीगुआ के हवाले कर दिया जाएगा।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोमेनिका में चौकसी के वकील मार्श वेन ने कहा कि सुबह उन्होंने अपने क्लांइट से पुलिस स्टेशन में मुलाकात की है। वकील के मुताबिक चौकसी ने आरोप लगाया कि उसे डोमिनिका में अपहरण कर लाया गया है। चौकसी ने अपने साथ मारपीट का भी आरोप लगाया है। चौकसी के वकील मामले में राहत के लिए अदालत में अपील दाखिल करने वाले हैं।
क्यूबा भागने की फिराक में था चौकसी
इससे पहले चौकसी मंगलवार को डोमिनिका में पकड़ा गया था। एंटीगुआ मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि 62 साल का चौकसी डोमिनिका से क्यूबा भागने की फिराक में था, उसी दौरान उसे CID ने दबोच लिया। सूत्रों के मुताबिक, वह एंटीगुआ और बारबुडा से बोट के जरिए डोमिनिका पहुंचा था।
इंटरपोल ने जारी किया था यलो नोटिस
चौकसी 3 दिन पहले एंटीगुआ और बारबुडा से लापता हो गया था। इसके बाद इंटरपोल ने उसके खिलाफ यलो नोटिस जारी किया था। बाद में इसी नोटिस को एंटीगुआ सरकार ने भी रिटेन किया। इसके बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई।
डोमिनिका की लोकल मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि चौकसी को मंगलवार रात पकड़ा गया। हालांकि, उसे गिरफ्तार किया गया है या पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, यह अब तक साफ नहीं हो सका है। डोमिनिका पुलिस अब कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे एंटीगुआ और बारबुडा प्रशासन को सौंपेगी।
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चौकसी ने 2017 में एंटीगुआ-बारबुडा की नागरिकता ली थी
14,500 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले का आरोपी चौकसी जनवरी 2018 में विदेश भाग गया था। बाद में पता चला कि वह 2017 में ही एंटीगुआ-बारबुडा की नागरिकता ले चुका था। पीएनबी घोटाले की जांच कर रही है केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी एजेंसिया चौकसी के प्रत्यर्पण की कोशिश में जुटी हैं। वह खराब सेहत का हवाला देकर भारत में पेशी पर आने से इनकार कर चुका है। कभी कभी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही उसकी पेशी होती है। भारत में उसकी कई संपत्तियां भी जब्त की जा चुकी हैं।
भांजे नीरव को भारत लाने की मिल चुकी है मंजूरी
इस घोटाले का मुख्य आरोपी चौकसी का भांजा नीरव मोदी लंदन की जेल में है। वहां की अदालत और सरकार ने उसके प्रत्यर्पण की मंजूरी भी दे दी है। लेकिन नीरव ने प्रत्यर्पण के फैसले को लंदन के हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला आने में 10 से 12 महीने का वक्त लग सकता है।
स्रोत-दैनिक भास्कर
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