2030

काम कर रहा दद्दा के प्रति ट्रूपल का समर्पण, झांसी में बनेगा मेजर ध्यानचंद संग्राहलय



झांसी: हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जीवन और कार्यों से लोगों को परिचित कराने के मकसद से झांसी की रानी लक्ष्मीबाई पार्क में मेजर ध्यानचंद संग्रहालय (Major Dhyan Chand Museum) बनाया जाएगा। झांसी मेजर ध्यानचंद की कर्मस्थली रही है और इस कारण लोगों में उनके प्रति एक विशेष श्रद्धा का भाव रहता है। दद्दा को समर्पित यह प्रस्तावित संग्रहालय लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार होगा और इसमें 26 जोन होंगे। मेजर ध्यानचंद के जीवन से जुड़ी स्मृतियां और घटनाएं यहां लोगों को डिजिटल फार्मेट में देखने के लिए उपलब्ध रहेगी। स्मार्ट सिटी योजना के तहत योगी सरकार ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है।

इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में मेजर ध्यानचंद के पुत्र ओलंपियन अशोक ध्यानचंद को विशेषज्ञ के रूप में शामिल किया गया है। इस संग्रहालय के बन जाने के बाद प्रबंधन के लिए जो भी व्यवस्था बनेगी, उसमें भी उनको स्थान दिया जाएगा। यह संग्रहालय स्मार्ट सिटी योजना के तहत बनाया जाएगा। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द को स्थायी सलामी देने के मकसद से यह खास संग्रहालय तैयार कराया जा रहा है। इससे देश-दुनिया से झांसी आने वाले लोग मेजर ध्यानचंद के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल कर सकें। इसके निर्माण की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा चुका है।

संग्रहालय में होगा डिजिटल माध्यम से प्रदर्शन

झांसी के मण्डलायुक्त डॉ. अजय शंकर पाण्डेय ने बताया कि मेजर ध्यानचन्द संग्रहालय में हर पहलू का प्रदर्शन डिजिटल माध्यम से होगा। इसके अन्तर्गत कुल 26 जोन बनाये गये है। थीम्स स्कल्पचर, जन्म और परिवार, बचपन और शिक्षा, सेना की नौकरी, ऐतिहासिक हॉकी मैच, ओलंपिक मैच, भारतीय खेलों में योगदान, कोच के रूप में मेजर ध्यानचंद, फेम की दीवार, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नेताओं के साथ ध्यानचंद, ध्यानचंद के बारे में उनके समकालीनों द्वारा बोली जाने वाली संग्रहीत जानकारी व वीडियो, ध्यानचंद के अंतिम दिन, ध्यानचंद के कुछ बेहतरीन गोल, आर्काइव्य विजुअल डिस्प्ले, खेलों में करियर विकल्प, खेल प्रशिक्षण संस्थान, भारत में खेलों के लिए सरकारी सहायता, सम्मान और सम्मान, हॉकी स्टेडियम का टेबल टॉप स्केल मॉडल, श्रद्धाजलि और प्रशंसा, संग्रहीत समाचार पत्र और डाक टिकट प्रदर्शन, बच्चों के लिए स्पोर्ट्स कॉर्नर, क्विज कॉर्नर, फीडबैक, स्मारिका काउंटर, रिसेप्शन और कलाकृतियों के प्रदर्शन वाले जोन होंगे। यह कार्य नवम्बर 2022 तक पूरा हो जाएगा।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ