2030

ट्रंप को हटाया, पात्रा पर लेबल लगाया... ट्विटर का रहा है मनमानी का इतिहास, क्‍या इमेज बदल पाएंगे एलन मस्‍क?

 दिग्‍गज उद्योगति एलन मस्‍क ने ट्विटर को खरीद लिया है। उनके सामने एक बड़ी चुनौती होगी। उन्‍हें इस प्‍लेटफॉर्म को सही मायनों में निष्‍पक्ष बनाना होगा। कारण है कि इसकी निष्‍पक्षता पर सवाल खड़े होते रहे हैं। यही नहीं, इस पर मनमानी के आरोप भी लगते आए हैं। ट्रंप, अमित शाह, रविशंकर प्रसाद से लेकर राहुल गांधी और कई बड़ी हस्तियों को इसने छकाया है।



Twitter Controversial history: माइक्रोब्‍लॉगिंग साइट ट्विटर (Twitter) अब टेस्‍ला के बॉस एलन मस्‍क (Elon Musk) की हो गई है। 44 अरब डॉलर में मस्‍क ने इसे खरीद लिया है। इससे एक वर्ग में खुशी की लहर दौड़ गई है। वहीं, दूसरे समूह में नाराजगी है। इसे लेकर ट्विटर पर दो रोज से ट्रेंड चल रहा है। ट्विटर की कमान हाथों में लेते ही मस्‍क ने फ्री स्‍पीच का जिक्र किया। इसे बेहतर बनाने की बात कही। इसने एक सवाल की गुंजाइश पैदा कर दी। क्‍या ट्विटर पक्षपात करता रहा है? इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि ट्विटर का इतिहास विवादित (Twitter Controversial Cases) है। कई मौकों पर उसका पक्षपाती रवैया उजागर हुआ है। डोनाल्‍ड ट्रंप, अमित शाह से लेकर संबित पात्रा, जयशंकर प्रसाद और राहुल गांधी तक को इसने हैरान-परेशान किया है। एक समय ट्विटर मनमानी की हद कर चुका है। कंपनी भारत सरकार से टक्‍कर लेने के लिए खड़ी हो गई थी।

डोनाल्‍ड ट्रंप को मंच से हटाया...
अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ट्विटर पर काफी एक्टिव रहते थे। उनके करोड़ों फॉलोअर्स थे। अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव में शिकस्‍त खाने के बाद ट्रंप ने सिलसिलेवार तरीके से एक के बाद एक कई ट्वीट किए थे। इनमें दावा किया था कि चुनाव में धांधली हुई। इसे 'मैनिपुलेटेड मीडिया' या गलत मानते हुए कंपनी ने उनका अकाउंट बंद कर दिया था। फिर ट्रंप के समर्थक हिंसक हो गए थे। इसके बाद उनका अकाउंट स्‍थायी तौर पर निलंबित कर दिया गया था। इसके पीछे ट्विटर ने कारण बताया था कि ऐसे ट्वीट से हिंसा और भड़क सकती है। दोबारा उनके अकाउंट को बहाल करने की खबरें हैं। हालांकि, ट्रंप कह चुके हैं कि ऐसा होता भी है तो वो ट्विटर पर नहीं लौटेंगे।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री का अकाउंट कर चुकी है ब्‍लॉक...
पिछले साल ही ट्विटर ने रविशंकर प्रसाद के अकाउंट को ब्‍लॉक कर दिया था। तब प्रसाद सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री थे। उनका अकाउंट करीब एक घंटे लॉक रहा था। ट्विटर ने यह कदम उठाने के पीछे अमेरिका के 'डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट' के उल्लंघन का हवाला दिया था। अकाउंट 'अनलॉक' होने के बाद प्रसाद ने अमेरिकी सोशल नेटवर्किंग कंपनी के इस कदम की कड़ी आलोचना की थी।

मनमानी का रहा है इतिहास
नए सोशल मीडिया नियमों का पालन करने को लेकर ट्विटर का भारत सरकार के साथ पिछले साल काफी विवाद रहा था। रविशंकर प्रसाद का अकाउंट जब ब्‍लॉक हुआ था तो यह विवाद चरम पर था। जानबूझकर नियमों को न मानने और देश के नए आईटी नियमों का पालन करने में विफल रहने के कारण सरकार ने ट्विटर को फटकार भी लगाई थी। यहां तक इसके चलते माइक्रोब्लॉगिंग साइट ने भारत में अपनी मध्यस्थ स्थिति तक खो दी। इस तरह किसी भी गैरकानूनी सामग्री को पोस्ट करने वाले यूजर के लिए उसे जवाबदेह बनाया गया। सरकार के नए आईटी नियम पिछले साल 25 मई से लागू हो गए थे। ट्विटर इनका पालन करने में लगातार हीलाहवाली कर रही थी।

अमित शाह के अकाउंट से हटाई थी डीपी
गृह मंत्री अमित शाह भी ट्विटर की मनमानी से अछूते नहीं रहे हैं। 2020 में ट्विटर ने शाह के अकाउंट के डीपी में लगी तस्‍वीर हटा दी थी। इसके लिए कोई सूचना नहीं दी गई थी। तब कंपनी ने बताया था कि किसी के कॉपीराइट क्‍लेम करने पर तस्‍वीर हटाने को लेकर ऐक्‍शन लिया गया था। जब लोगों ने ट्विटर के इस कदम पर सवाल उठाए थे तो बाद में उसने दोबारा वही तस्‍वीर लगा दी थी। उसी साल ट्विटर ने शाह के अकाउंट पर थोड़े समय के लिए अस्‍थायी रोक भी लगाई थी।

संबित पाात्रा पर लेबल लगाया...
बात पिछले साल की है। संबित पात्रा ने ट्वीट करते हुए एक टूलकिट का हवाला दिया था। उन्‍होंने आरोप लगाया था कि इसके जरिये पीएम नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। इस पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई थी। साथ ही आरोपों को सिरे से नकारा था। इसके बाद पात्रा के इस ट्वीट पर ट्विटर ने मैनिपुलेटेड मीडिया का तमगा चस्‍पा कर दिया था। विनय सहस्रबुद्धे, प्रीति गांधी, कुलजीत सिंह चहल सहित कई और ऐसे नेता हैं जिनके ट्वीट को माइक्रो ब्‍लॉगिंग साइट इस कैटेगरी में डाल चुकी है।

राहुल गांधी का अकाउंट कर दिया था बंद...
ट्विटर ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का ट्विटर अकाउंट अस्थायी रूप से लॉक कर दिया था। गांधी ने दिल्ली में कथित बलात्कार और हत्या की शिकार नौ वर्षीय बच्ची के परिवार के साथ की तस्वीरें ट्वीट की थीं। इसका संज्ञान राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने लिया था। उसने ट्विटर को नाबालिग पीड़िता की निजता का उल्लंघन करने के लिए कांग्रेस नेता के अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इसके बाद राहुल का अकाउंट लॉक कर दिया गया था। इसके बाद अजय माकन, मनिकम टैगोर, जितेंद्र सिंह, रणदीप सुरजेवाला, सुष्मिता देव के ट्विटर अकाउंट भी निलंबित किए थे। इस तरह की मनमानी कार्यवाही पर कांग्रेस के नेताओं ने सवाल उठाया था।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ