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लाउडस्‍पीकर पर एक्शन में यूपी पुलिस, मंदिर हो या मस्जिद आवाज धीमी; जानिए अब तक कितनी जगह हुई कार्रवाई




लखनऊ, जेएनएन। महाराष्‍ट्र से लेकर उत्तर प्रदेश तक चल रहे लाउडस्‍पीकर विवाद के बीच योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतर गए हैं या फिर उनकी आवाज धीमी कर दी गई है। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण को लेकर जारी निर्देशों का सख्ती से अनुपालन कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद पुलिस ने धार्मिक स्थलों पर अधिक संख्या में लगे लाउडस्पीकरों को उतरवाने के साथ ही निर्धारित मानक के अनुरूप उनकी आवाज धीमी कराने की कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने अब तक प्रदेश में धार्मिक स्थलों से 10923 लाउडस्पीकरों को उतरवाया है।

इनमें सबसे अधिक 2395 लाउडस्पीकर लखनऊ जोन में और 1788 लाउडस्पीकर गोरखपुर जोन में उतरवाये गये। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि अब तक धार्मिक स्थलों पर लगे 35221 लाउडस्पीकरों की आवाज निर्धारित मानक के अनुसार कम कराई गई है। सभी जिलों में यह कार्रवाई निरंतर चल रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया था कि माइक की आवाज धार्मिक परिसर के बाहर नहीं जानी चाहिए। जिसके बाद प्रदेश के धार्मिक स्थलों में लगे लाउडस्पीकरों की आवाज कम कराये जाने का सिलसिला हुआ था। गृह विभाग ने ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम-2000 के प्राविधानों का कड़ाई से अनुपालन कराये जाने का निर्देश जारी कर 30 अप्रैल तक कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है। जिसके बाद पुलिस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।

पुलिस ने अब तक आगरा जोन में 413, मेरठ जोन में 1204, बरेली जोन में 1070, कानपुर जोन में 1056, प्रयागराज जोन में 1172, वाराणसी जोन में 1366, कानपुर कमिश्नरेट में 80, लखनऊ कमिश्नरेट में 190, गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में 19 व वाराणसी कमिश्नरेट में 170 लाउडस्पीकर उतरवाये हैं।

ऐसे ही बुधवार शाम चार बजे तक आगरा जोन में 1880, मेरठ जोन में 5976, बरेली जोन में 6257, लखनऊ जोन में 7397, कानपुर जोन में 1713, प्रयागराज जोन में 1614, गोरखपुर जोन में 5561, वाराणसी जोन में 2417, कानपुर कमिश्नरेट में 335, लखनऊ कमिश्नरेट में 1235, गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में 462 व वाराणसी कमिश्नरेट में 374 लाउडस्पीकरों की आवाज कम कराई गई।

धार्मिक स्थलों में लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर उपजे विवाद के बाद उत्तर प्रदेश विशेष सतर्कता बरती जा रही है। लाउडस्पीकर की निर्धारित मानक से तेज आवाज को लेकर शासन का रुख सख्त है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि सभी को धार्मिक स्वतंत्रता है, लेकिन माइक की आवाज धार्मिक परिसर के बाहर नहीं जानी चाहिए। उनके निर्देश के बाद ही गोरखनाथ मंदिर के लाउडस्पीकर की आवाज कम कर दी गई थी। प्रदेश के कई अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों में भी लाउडस्पीकर की आवाज धीमी कर दी गई है।

गृह विभाग ने अब ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम 2000 के प्रविधानों का कड़ाई से अनुपालन कराये जाने का निर्देश जारी किया है। साथ ही ऐसे धार्मिक स्थलों की थानावार सूची तलब की है, जहां इन निर्देशों का अनुपालन नहीं हो रहा है। हर जिले में इसकी सप्ताहिक समीक्षा कराने तथा मंडलायुक्तों व पुलिस आयुक्तों को 30 अप्रैल तक पहली अनुपालन आख्या शासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।


यूपी में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतारे जा रहे हैं या उनकी आवाज धीमी की जा रही है।

धार्मिक स्थलों में लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर उपजे विवाद के बाद उत्तर प्रदेश में इसे लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। गृह विभाग ने अब ध्वनि प्रदूषण नियम के प्रविधानों का कड़ाई से अनुपालन कराये जाने का निर्देश जारी किया है।

लखनऊ, जेएनएन। महाराष्‍ट्र से लेकर उत्तर प्रदेश तक चल रहे लाउडस्‍पीकर विवाद के बीच योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतर गए हैं या फिर उनकी आवाज धीमी कर दी गई है। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण को लेकर जारी निर्देशों का सख्ती से अनुपालन कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद पुलिस ने धार्मिक स्थलों पर अधिक संख्या में लगे लाउडस्पीकरों को उतरवाने के साथ ही निर्धारित मानक के अनुरूप उनकी आवाज धीमी कराने की कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने अब तक प्रदेश में धार्मिक स्थलों से 10923 लाउडस्पीकरों को उतरवाया है।

इनमें सबसे अधिक 2395 लाउडस्पीकर लखनऊ जोन में और 1788 लाउडस्पीकर गोरखपुर जोन में उतरवाये गये। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि अब तक धार्मिक स्थलों पर लगे 35221 लाउडस्पीकरों की आवाज निर्धारित मानक के अनुसार कम कराई गई है। सभी जिलों में यह कार्रवाई निरंतर चल रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया था कि माइक की आवाज धार्मिक परिसर के बाहर नहीं जानी चाहिए। जिसके बाद प्रदेश के धार्मिक स्थलों में लगे लाउडस्पीकरों की आवाज कम कराये जाने का सिलसिला हुआ था। गृह विभाग ने ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम-2000 के प्राविधानों का कड़ाई से अनुपालन कराये जाने का निर्देश जारी कर 30 अप्रैल तक कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है। जिसके बाद पुलिस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।

पुलिस ने अब तक आगरा जोन में 413, मेरठ जोन में 1204, बरेली जोन में 1070, कानपुर जोन में 1056, प्रयागराज जोन में 1172, वाराणसी जोन में 1366, कानपुर कमिश्नरेट में 80, लखनऊ कमिश्नरेट में 190, गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में 19 व वाराणसी कमिश्नरेट में 170 लाउडस्पीकर उतरवाये हैं।


ऐसे ही बुधवार शाम चार बजे तक आगरा जोन में 1880, मेरठ जोन में 5976, बरेली जोन में 6257, लखनऊ जोन में 7397, कानपुर जोन में 1713, प्रयागराज जोन में 1614, गोरखपुर जोन में 5561, वाराणसी जोन में 2417, कानपुर कमिश्नरेट में 335, लखनऊ कमिश्नरेट में 1235, गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में 462 व वाराणसी कमिश्नरेट में 374 लाउडस्पीकरों की आवाज कम कराई गई।


मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने अध‍िकार‍ियों को द‍िए न‍िर्देश

धार्मिक स्थलों में लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर उपजे विवाद के बाद उत्तर प्रदेश विशेष सतर्कता बरती जा रही है। लाउडस्पीकर की निर्धारित मानक से तेज आवाज को लेकर शासन का रुख सख्त है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि सभी को धार्मिक स्वतंत्रता है, लेकिन माइक की आवाज धार्मिक परिसर के बाहर नहीं जानी चाहिए। उनके निर्देश के बाद ही गोरखनाथ मंदिर के लाउडस्पीकर की आवाज कम कर दी गई थी। प्रदेश के कई अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों में भी लाउडस्पीकर की आवाज धीमी कर दी गई है।

शासन ने वर्ष 2018 में भी ध्वनि प्रदूषण के नियमों का सख्ती से अनुपालन कराने का निर्देश जारी किया था। गृह विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि कई धार्मिक स्थलों में निर्धारित डेसिबल का उल्लंघन किये जाने की शिकायत आई है। औद्योगिक, वाणिज्यिक, रिहायशी व शांत क्षेत्रों में दिन व रात के लिए अधिकतम ध्वनि तीव्रता निर्धारित है। हर जिले में इन ध्वनि मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है।

इस संबंध में की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी शासन तथा उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिये जाने का भी निर्देश है। यह भी कहा गया है कि सभी जगह धर्म गुरुओं से संवाद व समन्वय बनाकर अवैध लाउडस्पीकर को हटवाया जाये और निर्धारित डेसीबल का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाये। कहा गया है कि कुछ जिलों में इन निर्देशों का अनुपालन हुआ है, जबकि कुछ जिलों में कड़ाई से अनुपालन कराये जाने की आवश्यकता है।


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