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गैंगस्टर का गोल्ड मेडलिस्ट बेटा

लखनऊ: यूपी के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी इन दिनों एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं। अब से उनका नया ठिकाना बांदा जेल का बैरक नंबर 16 होगा। इसके आगे क्या होगा वो भी समय के साथ पता ही चल जाएगा। कहते हैं कि जिस तरह एक डॉक्टर का बेटा बेटी डॉक्टर, एक्टर के बच्चे एक्टर आदि बनते हैं, वैसे ही एक गैस्टर का बेटा भी तो गैंगस्टर ही बनेगा। लेकिन मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी इन कहावतों को झूठा साबित करते हैं। इसलिए अब्बास से पहले थोड़ा मुख्तार को भी जान लेते हैं। 



पूर्वांचल में खासकर वाराणसी, मऊ और गाजीपुर के इलाके में मुख्तार को लेकर एक बात बेहद प्रचलित है कि वह एक ऐसे निशानेबाज हैं जो उड़ती चिड़िया पर भी सटीक निशाना लगा सकते हैं। वो बात अलग है कि मुख़्तार ने अपनी इस काबिलियत का सही इस्तेमाल नहीं किया लेकिन अपने बेटे अब्बास अंसारी को ये खूबी विरासत में जरूर दे दी, जिसका अब्बास पर भरपूर उपयोग भी किया। 

आपको बता दें कि अब्बास शॉटगन शूटिंग के इंटरनैशनल खिलाड़ी हैं। दुनिया के टॉप शूटर्स में उनका नाम शामिल किया जाता है। वह कई चैंपियनशिप में मेडल भी जीत चुके हैं। हालांकि उन पर गैर कानूनी तरीके से हथियारों का जखीरा रखने के आरोप भी लग चुके हैं।

चार बार नैशनल शूटिंग चैंपियन

2013 में आयोजित 55वीं नैशनल शूटिंग चैंपियनशिप की स्कीट स्पर्धा के जूनियर वर्ग में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हुए अब्बास ने गोल्ड मेडल जीता था। अब्बास ने सीनियर वर्ग में भी सिल्वर मेडल जीता था। वह चार बार के जूनियर नैशनल शूटिंग चैंपियन रह चुके हैं। इतना ही नहीं, अब्बास दुनिया के टॉप-10 स्कीट शूटर्स में जगह पाने वाले खिलाड़ी भी हैं। 

अब्बास ने 2011 में स्कीट निशानेबाजी से शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने जीवी मावलंकर चैंपियनशिप में जूनियर स्पर्धा में गोल्ड जीता था। वर्ष 2012 में भी अब्बास ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्कीट इवेंट का गोल्ड मेडल जीता। वह जूनियर भारतीय निशानेबाजी टीम के कैप्टन भी रहे चुके हैं। वहीं 2012 में ही फिनलैंड में हुए जूनियर वर्ल्ड कप में भी अब्बास ने हिस्सा लिया। जर्मनी और फिनलैंड में हुए जूनियर वर्ल्ड कप में अब्बास ने दुनिया के टॉप-10 स्कीट शूटर्स में जगह बनाई थी। लेकिन 2 साल बाद हुए एक सड़क हादसे के बाद उनके करियर पर ब्रेक लग गया। 

2014 में सड़क हादसे के बाद करियर पर ब्रेक

दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम ऑनर्स की डिग्री ले चुके अब्बास, 2014 में हुए सड़क हादसे को शायद ही कभी भुला पाएंगे। क्यूंकि इसके बाद  खेल जगत में उनका करियर लगभग पूरी तरह समाप्त हो गया। फिर उन्होंने राजनीति का रुख किया। मुख़्तार के बसपा में शामिल होने पर 2017 में घोसी विधानसभा सीट से उन्हें टिकट मिला, लेकिन शूटिंग में गोल्ड से शुरुआत करने वाले अब्बास को यहां हार का मुंह देखना पड़ा। 

विवादों से भी जुड़ा नाम 

अब्बास अंसारी के खिलाफ शस्त्र लाइसेंस के मामले में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई गई थी। यूपी पुलिस ने अब्बास अंसारी के दिल्ली के बसंत कुंज स्थित घर से कई देसी-विदेशी असलहे और हजारों कारतूस बरामद किए थे। छापेमारी में पुलिस टीम को इटली की डबल बैरल बंदूक, स्लोवेनिया से मंगवाई गई सिंगल बैरल गन, लखनऊ से खरीदी गई साउथ कैटाफिल की मैगनम राइफल, दिल्ली से खरीदी गई डबल बैरल गन, मेरठ से खरीदी गई यूएस मेक रिवॉल्वर, सात अलग-अलग बोर के बैरल, ऑस्ट्रिया की तीन पिस्टल की बैरल, ऑस्ट्रिया की दो मैगजीन, एक लोडर और अलग-अलग बोर के 4,331 कारतूस मिले थे।

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