एरो फास्टनर प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर जसमेर लाठर ने बताया कि मिशन आदित्य एल 1 के लिए किस तरह के फास्टनर की जरूरत है इसके बारे में पहले ही बता दिया गया था। करीब तीन वर्ष से इसके लिए फास्टनर की आपूर्ति की जा रही है। छह माह पहले तक फास्टनर भेजे गए। पहले राकेट लांचिंग के लिए जीएसएलवी (जियोसिंक्रोनस सेटेलाइट लांच व्हीकल्स) होता था।
ADITYA-L1 : रोहतक, अरुण शर्मा। भारतीय अंतरिक्ष संगठन (इसरो) के चंद्रयान-3 की सफलता के बाद अब आदित्य एल-1 मिशन को लेकर रोहतक के उद्यमी उत्साहित हैं। इसमें भी रोहतक के नट-बोल्ट का इस्तेमाल किया गया है। दो सितंबर को आदित्य एल-1 लांच होगा। आदित्य एल-1 धरती से 15 लाख किमी ऊंचाई पर जाएगा। ऐसे में सभी तापमान और मौसम के अनुकूल नट-बोल्ट तैयार किए गए हैं। पिछले तीन वर्षों से फास्टनर की आपूर्ति हो रही थी।
फास्टनर की आपूर्ति
एरो फास्टनर प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर जसमेर लाठर ने बताया कि मिशन आदित्य एल 1 (ADITYA-L-1 Update) के लिए किस तरह के फास्टनर की जरूरत है, इसके बारे में पहले ही बता दिया गया था। करीब तीन वर्ष से इसके लिए फास्टनर की आपूर्ति की जा रही है। छह माह पहले तक फास्टनर भेजे गए। यह भी बताया कि पहले राकेट लांचिंग के लिए जीएसएलवी (जियोसिंक्रोनस सेटेलाइट लांच व्हीकल्स) होता था।
स्वदेशी और अमेरिकी स्टेनलेस स्टील से नट-बोल्ट तैयार
अब अत्याधुनिक तकनीक पीएसएलवी (पोलर सेटलाइट लांच व्हीकल) है, इसलिए राकेट के लिए नई तकनीक पर आधारित फास्टनर तैयार किए गए। आदित्य एल-1 चार माह में अपने गतंव्य पर पहुंचेंगा और करीब सवा पांच साल का यह पूरा प्रोजेक्ट है। मिशन के लिए 25 श्रेणियों में स्वदेशी और अमेरिकी स्टेनलेस स्टील से नट-बोल्ट तैयार किए हैं।
आदित्य एल-1 के लिए 70 हजार प्रोडक्ट भेजे : राजेश जैन
एलपीएस बोसार्ड कंपनी के मैनेजिंग डायेक्टर राजेश जैन ने बताया कि जब भी इसरो में कोई प्रोजेक्ट तैयार होता तो पहले किसी को जानकारी नहीं दी जाती। यही कारण है कि जब भी किसी विशेष प्रोजेक्ट के लिए नट-बोल्ट की डिमांड होती है तो कई बार केवल श्रेणी, डिजाइन पर ही बात होती है। कई बार किस प्रोजेक्ट के लिए क्या चाहिए यह मांग होती है। आदित्य एल-1 को लेकर हमसे डिमांड की गई थी और हमने यहां से करीब 70 हजार उपकरण तैयार करके भेज दिए हैं। सूर्य को लेकर इसरो का इस तरह का पहला अभियान है, इसलिए उत्साहित होना स्वभाविक है। यह भी कहा कि रोहतक गुणवत्ता में फिट बैठता है, इसलिए यहां का भरोसा बना हुआ है।



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