2030

IAS पूजा सिंघल: 21 साल की उम्र में UPSC क्रैक, 22 साल का करियर, जानें यंगेस्ट आईएएस से होटवार तक का सफर

  •  पूजा सिंघल की पहली तैनाती हजारीबाग में सदर अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में हुई थी. यहां अपने काम के कारण वह काफी चर्चित रहीं. शिक्षा परियोजना में पदस्थापन के दौरान भी उनका कार्यकाल अच्छा रहा. उन्होंने बच्चों को दी जाने वाली किताबों के गिरोह का भंडाफोड़ भी किया.लेकिन बाद में विवादों से नाता जुड़ता गया.




IAS Pooja Singhal: भारतीय प्रशासनिक सेवा की 2000 बैच की अधिकारी पूजा सिंघल ने 21 साल की उम्र में ही यूपीएससी की परीक्षा पास की थी. यूपीएससी में चयन के बाद उनको झारखंड कैडर मिला. मूल रूप से देहरादून की रहनेवाली पूजा सिंघल झारखंड में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहीं. 22 साल के करियर में वह लगभग 19 स्थानों पर पदस्थापित रहीं. हालांकि, जिलों में पदस्थापन के बाद से वह विवादों में फंसती चली गयीं.

पूजा सिंघल की पहली तैनाती झारखंड के हजारीबाग में सदर अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में हुई थी. यहां अपने काम के कारण वह काफी चर्चित रहीं. शिक्षा परियोजना में पदस्थापन के दौरान भी उनका कार्यकाल काफी अच्छा रहा. उन्होंने बच्चों को दी जाने वाली किताबों के गिरोह का भंडाफोड़ भी किया था. उनके नेतृत्व में ही पहली बार झारखंड में विकलांगों का डाटा संग्रह हुआ था. रिम्स में निदेशक प्रशासन के तौर पर भी उनका कामकाज काफी सराहनीय रहा.

श्रीमती सिंघल जब जिलों में उपायुक्त के रूप में पदस्थापित हुईं, तब उनका विवादों से नाता जुड़ने लगा. खूंटी में जिला उपायुक्त के पद पर पदस्थापन के बाद उन पर मनरेगा स्कीम में 16 करोड़ रुपये की गड़बड़ी करने का मामला सामने आया. इस मामले में उन पर इंजीनियरों से सांठगांठ करने का आरोप भी लगा. इसके बाद वहां से उनका पदस्थापन चतरा किया गया.

चतरा में पदस्थापन के दौरान उन पर छह करोड़ रुपये एक एनजीओ को नियम विरुद्ध दिये जाने का आरोप लगा. इस मामले को विधायक विनोद सिंह ने सदन में उठाया था. विधानसभा की कमेटी ने जांच भी की थी. चतरा में ही पदस्थापन के दौरान इन पर आतंकियों ने हमला किया था. इस कारण इनको अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था.

पूजा सिंघल को देरी से मिला था प्रमोशन

श्रीमती सिंघल कृषि विभाग में विशेष सचिव के रूप में पदस्थापित रहीं. यहां पदस्थापन के दौरान उन पर लगे आरोपों के कारण उन्हें समयबद्ध प्रोन्नति नहीं मिल पायी थी. बाद में उपायुक्त रहने के दौरान उन पर लगे आरोपों की विभागीय जांच करायी गयी. उद्योग विभाग के सचिव एपी सिंह को विभागीय जांच के लिए संचालन पदाधिकारी बनाया गया था. श्री सिंह ने जांच के बाद क्लीन चिट दे दिया था.

क्लीन चिट मिलने के बाद उन्हें प्रोन्नति देकर कृषि विभाग का सचिव बनाया गया. करीब तीन साल तक वह कृषि विभाग में रहीं. रघुवर दास की सरकार गिरने के बाद उनकी स्थान अबु बक्कर सिद्दीख को सचिव बनाया गया. वहीं, सिंघल का पदस्थापन खेल कूद, कला संस्कृति एवं पर्यटन विभाग में किया गया. वहां से फिर इनको उद्योग और खान सचिव बनाया गया.

सिविल कोर्ट और जज कॉलोनी में मची रही अफरा-तफरी

पूजा सिंघल की गिरफ्तारी के बाद सिविल कोर्ट व जज कॉलोनी में घंटों अफरा-तफरी मची रही़ गिरफ्तारी की सूचना पर इडी के विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह व लोक अभियोजक अतीश कुमार पहले सिविल कोर्ट पहुंच़े इसके बाद मीडियाकर्मी और शाम करीब 6:30 बजे इडी के अधिकारी भी सिविल कोर्ट पहुंचे. यहां कागजी कार्रवाई के बाद सभी विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा के आवासीय कार्यालय गये़ वहां सुनवाई हुई और पूजा सिंघल को जेल भेज दिया गया़


होटवार जेल में मिली रोटी-सब्जी

पूजा सिंघल को इडी ने बुधवार को जेल भेज दिया़ जेल सूत्रों के अनुसार जेल में उन्हें रोटी, सब्जी, दाल व सलाद दिया गया़ थोड़ी सी रोटी खाने के बाद पूजा सिंघल ने कहा कि अब खाना की इच्छा नहीं है. वह काफी उदास और खामोश थी़ं पूजा सिंघल को महिला सेल में रखा गया है़


इडी दफ्तर के बाहर दिन भर रही गहमा-गहमी

प्रवर्तन निदेशालय के रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर बुधवार को खान व उद्योग विभाग की सचिव पूजा सिंघल की गिरफ्तारी को लेकर दिन भर गहमा-गहमी बनी रही. बुधवार को दूसरे दिन भी पूछताछ के लिए उन्हें बुलाया गया. दिन के करीब 10:15 बजे पूजा सिंघल इडी की दफ्तर पहुंचीं. वहां उनसे पूछताछ की गयी. इसके बाद दोपहर में उनके पति अभिषेक झा को बुलाया गया, जिसके बाद दोनों से पूछताछ हुई. शाम करीब 5:15 बजे सूचना आयी कि पूजा सिंघल व उनके पति को गिरफ्तार कर लिया गया है. इडी दफ्तर में ही उनका मेडिकल कराया गया. इसके बाद उन्हें प्रवर्तन निदेशालय कोर्ट ले जाने की तैयारी की जाने लगी. शाम करीब 7.35 बजे उन्हें क्षेत्रीय कार्यालय से कोर्ट ले जाया गया.


थकी-थकी लग रही थीं पूजा सिंघल

इडी दफ्तर में प्रवेश करने से लेकर बाहर निकलने तक पूजा सिंघल गुमसुम और थकी-थकी लग रही थीं.उनके साथ एक महिला भी थी. प्रवर्तन निदेशालय की अोर से यह नहीं बताया गया कि किन-किन लोगों को कोर्ट भेजा गया है. शाम 7:40 बजे के बाद से वहां गेट को बंद कर दिया गया. उधर उनकी सुरक्षा में काफी संख्या में सीआरपीएफ के जवान व अधिकारी के अलावा जिला पुलिस के जवान तैनात थे.


कार्यालय के बाहर लोगों का जमावड़ा

इधर, इडी कार्यालय के बाहर आमलोगों का जमावड़ा रहा. एयरपोर्ट की अोर आने जानेवाले लोग भीड़ देख रुक जा रहे थे. आस पास के घरों के छतों पर भी लोग जाकर नजारा देख रहे थे. दिन भर की तपिश कम होने के बाद शाम को लोगों का जमावड़ा फिर से होने लगा था. उनके जाने तक लोग वहां जमे थे. पूजा सिंघल को ले जाने के लिए शाम करीब छह बजे इनोवा कार (जेएच-01बीसी-8001) को कार्यालय परिसर के अंदर ले जाया गया. काफी देर तक गाड़ी वहां रुकी रही. बाद में उस गाड़ी को हटा बड़ी कार (जेएच-05बीए 8174) मंगायी गयी, जिससे उन्हें ले जाया गया.


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ