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RSS: घुमंतू और अर्द्ध घुमंतू जातियों के प्रति समाज को सोच बदलनी होगी

 जयपुर।

घुमंतू और अर्द्ध घुमंतू जातियां 70 साल बाद भी अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत है। सरकार ने इन जातियों के लिए योजनाएं तो खूब बनाई, लेकिन इनका लाभ इन जातियों को नहीं मिल पाया। अब आरएसएस इन जातियों को उनका हक दिलाने की दिशा में काम कर रहा है।



अखिल भारतीय घुमंतू कार्य प्रमुख क्षेत्र प्रचारक दुर्गादास ने संघ की ओर से किए जा रहे कामों के बारे में बताया। उन्होंने घुमंतू और अर्द्ध घुमंतू जातियों के इतिहास और उनके आजादी के आंदोलन में योगदान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आजादी से पहले इन जातियों का जीडीपी में बहुत अच्छा योगदान था। उस समय देश की जीडीपी 27 प्रतिशत थी। 1857 की क्रांति के समय स्वतंत्रता सेनानियों को रास्ते दिखाने का काम इन जातियों ने किया था। उन्होंने आह्वान किया कि समाज को इन जातियों के प्रति सोच बदलनी चाहिए। इनके बीच जाकर इन्हें मुख्य धारा में लाने का काम हम सभी को मिलकर करना चाहिए।

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