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आम चुनावों से पहले किसानों को साधने के लिए मोदी सरकार ने चली सबसे बड़ी चाल

Farmer National Politics

केंद्र की मोदी सरकार किसानों को साधने के लिए जल्द ही कुछ नई और लुभावनी योजनाओं की घोषणा कर सकती है. जिसके तहत किसानों को हर फसल पर 4000 रुपये तक देने की योजना बनाई जा रही है. ये पैसा सीधे किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा. इसके अलावा सरकार प्रत्येक किसान को 1 लाख रुपये तक का ब्याज रहित लोन देने पर भी विचार कर रही है. बिज़नेस टुडे में छपी खबर के मुताबिक मोदी सरकार किसानों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए करीब 2 लाख करोड़ रुपये तक लाभ पहुंचाने की कवायद कर रही है. इसी तरह ब्याज रहित लोन पर सरकार 28 से 30 हज़ार करोड़ रुपए खर्च कर सकती है. सरकार के इस फैसले से सरकारी खजाने पर हर साल लगभग 2.3 लाख करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा. 

 इस योजना में क्या हो सकता है?

 सूत्रों की मानें तो यह योजना काफी हद तक तेलंगाना सरकार की कर्जमाफी योजना से मिलती जुलती होगी. तेलंगाना में किसानों को एक एकड़ पर हर फसल से पहले 4000 रुपये दिए जाते हैं. यानी अगर कोई किसान अपनी एक एकड़ की जमीन पर रबी और खरीब की दो फसलें बोता है तो उसे हर सरकार की तरफ से 8000 हजार रुपये मिल जाते हैं. बिज़नेस टुडे की खबर के अनुसार मोदी सरकार की संभावित योजना में डीबीटी के जरिए किसानों को दिए जाने वाला पैसा फसल पैदावार के बाद मिलेगा. किसान जब फसल बेचने के लिए सरकारी क्रय केंद्र पर जाएगा तो उसी दौरान उसकी जरूरी डिटेल्स जैसे आधार नंबर, उपज और जमीन आदि की जानकारी पॉइंट ऑफ़ सेल मशीन में सेव कर लिया जाएगा. बताया जा रहा है कि एक हैक्टेयर पर 50 हजार रुपये तक हो सकता है और एक किसान को 1 लाख रुपये तक का ही फायदा मिलेगा. बता दें कि केंद्र सरकार फिलहाल 70 हजार करोड़ रुपये खाद की सब्सिडी पर खर्च करती है जिसे नई योजना के साथ जोड़े जाने की उम्मीद है. 

 हर हाल में किसानों को खुश करना चाहती है मोदी सरकार 

 जिस प्रकार देशभर में किसानों की कर्जमाफी का मुद्दा गरमाया हुआ है उसे देखते हुए मोदी सरकार की ये नई स्कीम भाजपा या एनडीए के लिए आम चुनावों में रामबाण का काम कर सकती है. ऐसा इसलिए भी क्योंकि हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा था. मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में तो बीजेपी को सबसे तगड़ा झटका लगा. इन राज्यों में कांग्रेस को सबसे ज्यादा फायदा किसान संकट और कर्जमाफी जैसे मुद्दों को भुनाने से मिला. अब कुछ ही महीने में आम चुनाव होने है और ऐसा माना जा रहा है कि इस बार भी किसानों की समस्या सबसे बड़ा मुद्दा होने वाला है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी इस मुद्दे को लगातार हवा देने में जुटे हैं. ऐसे में मोदी सरकार 2019 में अपनी सत्ता बचाने के लिए किसानों को नाराज करने का खतरा मोल नहीं लेना चाहेगी. वहीँ इस बात पर भी गौर किया जाना जरूरी है कि 1 जनवरी 2019 को दिए अपने इंटरव्यू में पीएम मोदी ने किसान कर्जमाफी को किसानों के लिए ज्यादा कारगर समाधान नहीं माना था. उनका कहना था कि कर्जमाफी किसानों की मदद करने में कुछ ख़ास असरकारक नहीं रही है. 

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