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Politics

Health में बड़ रहे निजीकरण पर रोक लगाने से ही देश में सस्ती हो सकती है स्वास्थ्य सुविधाएं (पार्ट-3)

भारत में शिक्षा का मुद्दा जितना अहम् है उतना ही ख़ास है स्वास्थय भी l हमारे देश में शासकीय अस्पतालों की कमी और अस्पतालों में सुविधाओं के अभाव के बारें में तो सभी जानते है l कई सरकार आयी और गयी मगर इस बारे में किसी ने उतनी गंभीरता से विचार नहीं किया जितना किया जाना चाहिए था l ऐसा नहीं हैं की स्वस्थ्य को अनदेखा किया जाता है, लेकिन इस ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है l भारत ने पोलियो के खिलाफ जंग छे...

भारत में शिक्षा अनिवार्य हो – पार्ट -2

भारत में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए हमारे देश के राजनैतिक दलों को इसके महत्व को समझना ज़रूरी होगा l हमने आर्टिकल के पार्ट 1 में यह बात की भी थी की आखिर कैसे सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाया जा सकता है मगर उससे पहले यह समझना भी आवश्यक है कि शासकीय स्कूलों की स्थिति इतनी बदतर आखिर है क्यों ? सरकारी स्कूलों में पढाई के स्तर की अगर बात की जाए तो कुछ स्कूलों को छोड़ कर सभी में शिक्षक बस अपनी ड्यूटी पूरी...

भारत के विकास में बाधा है खोखली शिक्षा और स्वास्थय व्यवस्थाएं (पार्ट – 1)

किसी भी देश के विकास के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण क्या है ? शिक्षा, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था l जब हम अपने देश के विकास की बात करते है तो सबसे ज्यादा नज़र अंदाज़ करते है शिक्षा और स्वास्थय जैसी मूलभूत सुविधाओं को l हिंदुस्तान में चुनावी मुद्दे भी धर्म, जाति और आरक्षण हैं l शिक्षा और स्वास्थय तो किसी भी राजनैतिक पार्टी के मुद्दों में शामिल है ही नहीं l जहां एक तरफ सारा विश्व शिक्षा पर सबसे अधिक ध्यान ...

क्यों नहीं जोड़ सकते कश्मीरी अपने नाम के आगे “मुजाहिद” ?

जेहाद करने में क्या बुराई है ?  हमारे देश में इन दिनों चुनावी माहौल है और चुनाव के दौरान सभी अपने-अपने राजनैतिक प्रचार में लगे हुए है l इन्ही सब के दौरान हर कोई कुछ ना कुछ कह रहा है कभी-कभी तो कुछ बाते कहने पर देश में बवाल भी हो रहा है l हाल ही में श्री नगर के डिप्टी मेयर शैख़ मोहम्मद इमरान ने कश्मीरियों से कहा की उन्हें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर नाम के आगे मुजाहिद जोड़ लेना चाहिए | जिसे लेकर ...

इस कलयुग की रावण हैं ममता बैनर्जी- ऊर्जा गुरु अरिहंत ऋषि

– पश्चिम बंगाल में रामनवमी जुलूस को रोके जाने पर भड़के ऊर्जा गुरु  – भीम आर्मी संस्थापक चन्द्रशेखर रावण को भी लिया आड़े हाथों – कहा धर्म और जाति के नाम पर राजनीति करने वाले सुधार जाएं   महामना आचार्य श्री कुशाग्रनंदी जी महाराज के आत्मीय शिष्य ऊर्जा गुरु श्री अरिहंत ऋषि जी महाराज ने सोमवार को होटल समय, वासवानी प्लाजा, फ्रीगंज, उज्जैन में आयोजित हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ...

क्या यही है अम्बेडकर के सपनों का भारत ?

देश में हर तरफ़ सिर्फ़ जातिवाद, धर्म और आरक्षण की आवाज़ सुनायी देती है। हर धर्म, जाति और वर्ग के लोगों ने अपने धर्म की एक सभा या महासभा बना रखी है । इन धर्म सभाओं में कोई उत्थान का कार्य नहीं होता जाती के नाम पर ये सभायें मात्र माध्यम है राजनीति में प्रवेश का। धर्म और जाति के नाम पर आरक्षण की आग पूरे देश में फैल गयी हैं ।क्या यहीं हैं अम्बेडकर के सपनों का भारत ? 26 नवंबर 1949 को बना और 26 जनवरी 19...

Rostec expands new line of Russian–Aircraft

Russian State Corporation Rostec is implementing the project of building the country’s first transport aircraft – Il-112V. The components and assemblies of the new plane, built by Rostec’s organizations, successfully performed during the first flight of the plane. The first prototype of Il-112V, built by United Aircraft Corporation (UAC), took to the air in Voronezh on March 30. In the long ...

हंसी-ठहाको से नहीं होता देश का विकास

चुनाव, चुनाव और चुनाव ? इन दिनों बस एक ही शब्द सभी के कानों में गूंज रहा है ? मगर यह चुनाव इस बार देश के लिए क्या लेकर आया है ? 72000 या राष्ट्रवाद या फिर फेकू मेनिफेस्टो ट्रूपल ने इस वर्ष होने वाले आम चुनावों की शुरुआत से ही जनता से अपील की है वोट देते समय सिर्फ देश को ध्यान रखें l मगर अब लगता है की जनता को ख़ुद ही देश का ख़याल रखने का मोर्चा संभालना होगा, क्योकि हमारे देश के नेता तो एक दूसरे के ...

लोकसभा चुनाव में बाजी पलट सकते हैं युवा वोटर

2019 के लोक सभा चुनावों के बाद किसकी सरकार बनेगी – इसे तय करने में युवा वोटर की बहुत बड़ी भूमिका होने जा रही है। वोट की इसी ताकत के चलते हर पार्टी और उम्मीदवारों की नजर युवाओं और नए मतदाताओं पर टिकी हैं। इसीलिए चुनाव की तारीखों के एलान होने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवा वोटरों को संबोधित करते हुए उनसे अधिक से अधिक वोट करने की अपील की थी। इन्हीं युवाओं की बदौलत ही 2014 में बीजेपी...

मैं मोदी जी का भक्त हूँ लेकिन अंधभक्त नहीं हूँ : परेश रावल

बॉलीवुड अभिनेता परेश रावल भाजपा के लिए अहमदाबाद पूर्व से सांसद हैं लेकिन इस बार चुनाव से दूर हैं. न्यूज18 इंडिया के साथ एक खास इंटरव्यू में राजनीति में आने और भाजपा से जुड़ने के बारे में बात करते हुए उन्होने कहा की उनका मकसद कभी राजनीति नहीं था बस प्रधानमंत्री मोदी को सपोर्ट करना था. “मैं बीजेपी में सांसद रहा, चुनाव लड़ने या नहीं लड़ने से फर्क नहीं पड़ता क्योंकि मुझे अपना राजनीतिक करियर नहीं बनाना है....

सोशल मीडिया को नहीं देश को ध्यान में रखकर चुने प्रधानमंत्री

देश में सबसे बड़े चुनाव होने जा रहे हैंl देश जल्द ही अपना प्राइममिनिस्टर चुनेगा। मगर कैसे? कौन है सही उम्मीदवार? आप किस तरह चुनते हैं देश के लिए प्रधानमन्त्री? क्या सभी राजनैतिक दलों के मेनिफेस्टो पढ़कर उनके वादों को ध्यान में रख कर करते हैं फैसला, या करते है नेताओं में तुलना? या फिर शायद आप कुछ करते ही नहीं सोशल मीडिया ही आपको इन्फ़्लुएंस करता है? पहले चुनावों में नेताओं का जनसम्पर्क मायने रखा करता ...

दो क्षेत्रों से नामांकन खौफ या बहादुरी ?

सभी राजनीतिक दलों के दिग्गज नेता चुनाव लड़ने के लिए सेफ संसदीय क्षेत्र ही ढूंढते लेकिन ऐसा क्यों ? क्या उन्हें हार जाने का डर होता है ?या वह अपनी शक्ति बचाना चाहतें है l हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने केरल के वायनाड से अपना नामांकन दाखिल किया है l वायनाड को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है l वहीँ दूसरी और वे अमेठी से भी मैदान में उतरेंगे l तो क्या राहुल गाँधी को भी डर है हार जाने का ? पिछले ...

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