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अमृतसर हादसा : एनवक्त पर रावण में समां गए राम, मरते-मरते बचा ली कईयों की जान

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ट्रूपल डेस्क | बीती रात को अमृतसर में रावण दहन के वक़्त एक भीषण हादसा हो गया जिसमें कई मासूमों की जान चली गई. मरने में वालों में सिर्फ दर्शक ही नहीं बल्कि खुद रावण का किरदार निभा रहे दलबीर सिंह भी आ गए. लोगों की जान बचाते-बचाते दलबीर सिंह खुद भी अपनी जान गवां बैठे. हादसे के कुछ मिनट पहले ही वो रामलीला खत्म कर अपने घर अपने 8 महीने के बेटे से मिलने निकल चुके थे. लेकिन पटरी तक पहुंचते ही उन्होंने ट्रेन के आने की आवाज़ सुनी और घर ना जाते हुए वहां मौजूद लोगों को हटाने लगे. लेकिन उन्हें नहीं मालूम था कि वो इस हादसे में अपने आपको भी नहीं बचा पाएंगे.

पंजाब के अमृतसर में जोड़ा फाटक के पास दशहरे के दिन रावण दहन के दौरान दो ट्रेनों की चपेट में आने से 59 लोगों की मौत हो गई. वहीं, 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें कुछ की हालत बहुत गंभीर बनी हुई है. बता दें अमृतसर के जोड़ा फाटक के पास शुक्रवार की शाम चल रहे दशहरा के मौके पर रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी थी. लोग रेल की पटरियों पर खड़े होकर रावण दहन देख रहे थे, तभी अचानक तेज रफ्तार में ट्रेन आई और सैकड़ों लोगों को कुचलती हुई चली गई. भीड़ के चलते लोग खुद को बचाने में नाकामयाब रहे और ट्रेन की चपेट में आ गए.

दलबीर रावण के वेश में कुछ लोगों के प्राण बचाने वाले राम बन गए हैं. इस हादसे के बाद कई तरह के प्रश्न रामलीला आयोजकों और प्रशासन पर खड़े हो गए हैं. पहला क्या प्रशासन और आयोजकों इसकी भनक नहीं थी कि रावण दहन देखने के लिए इतनी भारी संख्या लोग उमड़ेंगे और आयोजन स्थल पर पूर्व निरीक्षण क्यों नहीं किया गया ? अगर कार्यक्रम स्थल पर दर्शकों के खड़े होने के लिए उक्त बंदोबस्त नहीं थे तो प्रशासन ने आयोजकों को अनुमति कैसे दी ?

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