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भेड़-बकरी के मेमने के बीच फंसे राहुल गाँधी, जाने पूरी बात

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नई दिल्ली : इन दिनों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी अपनी संकल्प यात्रा के दौरान जहाँ मोदी सरकार पर किसान, महंगाई, रोजगार और राफेल सौदे जैसे मुद्दों को ऊँची आवाज देते हुए जमकर हमला कर रहे हैं तो वहीँ भाजपा नेता भी उनकी को निशाना बनाने से नहींक चूक रहे हैं. हाल ही में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने रविवार को कहा कि राहुल खेती-किसानी के बारे में कुछ भी नहीं जानते। शेखावत ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से कहा,‘‘मैं खुद एक किसान, किसानों का नेता और केंद्र सरकार में अन्नदाताओं का प्रतिनिधि हूं। लिहाजा कृषि क्षेत्र की हालत अच्छी तरह जानता हूं। मेरा किसी ऐसे व्यक्ति की बातों पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा जिसे गेहूं और धान की बाली के बीच फर्क नहीं समझ आता….जिसे भेड़ और बकरी के बच्चे के बीच का अंतर भी नहीं पता है।”

कृषि राज्य मंत्री से राहुल के इन आरोपों पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे भाजपा शासित राज्यों में किसानों की हालत खराब है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में नवम्बर में विधानसभा चुनाव होने हैं, जबकि राजस्थान में दिसंबर में विधानसभा चुनाव हैं।

शेखावत ने केंद्र और भाजपा शासित राज्य सरकारों की अलग-अलग योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पार्टी के राज में किसानों को उनकी उपज का सही मोल मिल रहा है जिससे कृषि क्षेत्र की स्थिति सुदृढ़ हुई है। दिल्ली की ओर बढ़ रहे आंदोलनकारी किसानों पर 2 अक्टूबर को पुलिस के बल प्रयोग से जुड़े सवाल पर कृषि राज्य मंत्री ने भाजपा के विपक्षी दलों पर निशाना साधा।

शेखावत ने कहा कि केंद्र सरकार अन्नदाताओं की सभी जायज मांगें पूरी करने के लिए कृतसंकल्प हैं, लेकिन मुद्दों को तोड़-मरोड़कर किसानों को भड़काने की कोशिश की जा रही है, ताकि आगामी विधानसभा चुनावों में इसका राजनीतिक लाभ उठाया जा सके।

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